कच्चे केना कोना में
बच्चे अच्छे ओना में
खेल रहे हैं निनावाँ से
नये नेता को वोट दे।
लोकतंत्र का मंत्र ढूँढते-
फिरते वन उपवन खेत...
उपर्युक्त चुनाव चोट दे।
सच्चे को कच्चे को
मतदाता को वैद्य को....
बेमतलब प्लाटिंग चकरोट दे।
ईद पर बकरे का शहर जाना
राजनीति-भरसाँय का दाना
बन ,स्वयं को खाना ,कोट दे।
ठण्ड से लड़ना मरना ही है
भयंकर पाला से पाला पड़ा
निनावाँ का इस वर्ष ,ओट लें।
वैद्य जी मुझे लोग नहीं जानते
इस जग में एक औषधि पौधा
बस थूकने हेतु खाते खोट के।।
*-गोलेन्द्र पटेल*
*रचना : 02-02-2020*



No comments:
Post a Comment