सब मिलाकर कटहर मटर
जैसा हाल है जीजाजी : लालू
धनिया के संग पनिया
लेहसुन से भंग रनिया-
भईल सारी बात की सब्जी : लालू
बचल कुचल बिल्ली ले गईल दिल्ली
भला मैं आपका क्यों उड़ाऊँ खिल्ली?
गुड ने कहा कडाही से
भाई पानी में मुझे जला रहे हो
सिरा में दाना छन छन धूँढा बना
मुख में गला रहे हो
खाओ खुब खुद खाओ

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