Thursday, 20 March 2025

समय का संताप || विश्व कविता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनायें! || 21 March

 समय का संताप 

हालात की लात
परिस्थिति की मार
बेरोज़गारी की चोट
पीड़ा का प्रहार
शिक्षकों की ईर्ष्या
सहपाठियों का व्यंग्य
समय का संताप सह कर बड़ा हुआ है
मेरा कवि
इतना बड़ा हुआ है
कि अब संत कवियों को छोड़कर
अपने से किसी को बड़ा कवि मानता ही नहीं है
न वाल्मीकि को, न वेदव्यास को
न गुरु को, न गार्जियन को
न आचार्य को, न अभिभावक को
न मित्र को, न मार्गदर्शक को
न प्रेमिका को, न पथप्रदर्शिका को
किसी को भी नहीं!

मेरे कवि का दुःख ही उसका दीपक है
मेरा कवि मेरा प्रतिरूप है
उसी की कविता से
इस कोहरे में मेरे पास धूप है!

(®गोलेन्द्र पटेल / 21-03-2025)

21 मार्च : विश्व कविता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनायें! 

संपर्क: गोलेन्द्र पटेल (पूर्व शिक्षार्थी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी।/जनपक्षधर्मी कवि-लेखक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चिंतक)

डाक पता - ग्राम-खजूरगाँव, पोस्ट-साहुपुरी, तहसील-मुगलसराय, जिला-चंदौली, उत्तर प्रदेश, भारत।

पिन कोड : 221009

व्हाट्सएप नं. : 8429249326

ईमेल : corojivi@gmail.com

No comments:

Post a Comment

क्या तथागत बुद्ध श्रीराम से बड़े वोट बैंक हैं?

शीर्षक : क्या तथागत बुद्ध श्रीराम से बड़े वोट बैंक हैं? यह सवाल ख़ुद से है कि कहीं हमने बुद्ध, धम्म, संघ के शरण में जाने में जल्दबाज़ी तो नह...