हिन्दी//
ह् इ न् द् ई
'ह' से हँसी
'इ' से इश्क
'न' से नज़र
'ई' से ईर्ष्या है हिन्दी
©गोलेन्द्र पटेल
रचना : 14 सितंबर, 2016 की है तब अंतिम पंक्ति ('ई' से ईप्सा है हिंदी) थी।
मो.नं. : 8429249326
“गोलेन्द्र ज्ञान” हिंदी का एक वैचारिक, साहित्यिक और सामाजिक मंच है, जहाँ बहुजन साहित्य, सामाजिक न्याय, मानवता, समता, शिक्षा, संस्कृति, कविता, आलोचना और जनचिंतन से जुड़े मौलिक लेख प्रकाशित किए जाते हैं। यह ब्लॉग भारतीय समाज, लोकसंस्कृति, बहुजन चिंतन, साहित्यिक विमर्श तथा मानवीय मूल्यों को सरल, शोधपरक और संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करता है। यहाँ कविता, कहानी, निबंध, समीक्षा, दर्शन, इतिहास और समकालीन विचारों पर नियमित सामग्री उपलब्ध है।
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