Friday, 27 March 2020

भारत माता का
सेवक अनेक थे

सूर्यतेज से सम्पन्न
महापुरुष नेक थे

जिसके शब्दकोश में
जय विजय का घोष था।

जिसके रोष में
क्रांतिकारियों का जोश था।

जिसके होश में
सत्य और संतोष था।

जिसके भक्ति में
स्वदेश मुक्ति का संदेश था।

जिसके शक्ति में
सैनबल-जनबल अशेष था।

वही अपना प्यारा
नेता सुभाषचंद्र बोस था।
-golendra patel

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