खजूरगाँव में सामाजिक न्याय दिवस पर राजर्षि शाहूजी महाराज की जयंती समारोह सम्पन्न
चंदौली, 26 जून। “छत्रपति शाहूजी महाराज सत्यशोधक संस्थान” के तत्वावधान में जनपद चंदौली के ग्रामसभा खजूरगाँव स्थित संत रविदास मंदिर परिसर में "एक शाम बहुजन महापुरुषों के नाम" कार्यक्रम के अंतर्गत सामाजिक न्याय दिवस (राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले एवं राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज संयुक्त जयंती) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम सायं 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक चला, जिसमें सामाजिक न्याय, संविधान, शिक्षा, आरक्षण तथा बहुजन महापुरुषों के योगदान पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ बुद्ध वंदना से हुआ। मंच संचालन संस्थान के संस्थापक एवं बहुजन कवि गोलेन्द्र पटेल ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने राजर्षि शाहूजी महाराज को सामाजिक न्याय, समता और शिक्षा के महान अग्रदूत बताते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। युवा कवि गोलेन्द्र पटेल ने कहा कि शाहूजी महाराज व्यक्ति नहीं, विचार हैं, दर्शन हैं। उनकी चेतना समता, स्वतंत्रता एवं वैश्विक बंधुत्व की एक सशक्त अभिव्यक्ति हैं। शोषितों, वंचितों, दलितों, उपेक्षितों, किसानों, मज़दूरों की आवाज़ है। सही अर्थों में, शाहूजी महाराज समतामूलक समाज के संगतराश हैं। आरक्षण के जनक ही नहीं, आदर्श दार्शनिक राजा हैं शाहूजी महाराज। शाहूजी महाराज केवल नीतिगत परिवर्तन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने सामाजिक चेतना को भी बदलने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जातिवाद का अंत जरूरी है। जाति को समर्थन देना अपराध है। हमारे समाज में सबसे बड़ी बाधा जाति है।” यह कथन केवल सामाजिक आलोचना नहीं, बल्कि एक नैतिक आह्वान है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनकी दृष्टि में शिक्षा, सम्मान और अवसर एक-दूसरे से जुड़े हुए तत्व थे। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को निःशुल्क और अनिवार्य बनाया, छात्रावासों की स्थापना की, बेगारी प्रथा को समाप्त किया और छुआछूत पर प्रतिबंध लगाकर चिकित्सा सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाया। यह सब उस समय हुआ, जब भारत में ऐसी नीतियों की कल्पना भी दुर्लभ थी। अध्यक्षीय वक्तव्य में मूलचंद प्रसाद ने पेरियार ललई सिंह यादव की जयंती मनाने की घोषणा की। मंजीत कुमार सुमन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए बुद्ध, कबीर, रैदास, तुका, फूले, शाहू बिरसा, बसवन्ना, अंबेडकर, पेरियार, रामस्वरूप वर्मा, कांशीराम, सावित्रीबाई फुले, नांगेली, फुलन देवी के सामाजिक परिवर्तनकारी योगदान पर प्रकाश डाला। चन्द्रिका प्रसाद ने शाहूजी महाराज के जीवन और भारतीय संविधान की पृष्ठभूमि पर विचार रखे। बी.आर. अम्बेडकर ने अंग्रेजी शासनकाल में शाहूजी महाराज की सामाजिक भूमिका, ईवीएम और जाति जनगणना जैसे समकालीन मुद्दों के साथ ओबीसी महापुरुषों तथा बहुजन समाज की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। रामबली सत्यार्थी ने शाहूजी महाराज की सामाजिक दृष्टि को रेखांकित किया। नामवर प्रसाद बागी ने बहुजन मिशन गीत प्रस्तुत करते हुए डॉ. अम्बेडकर की वैश्विक दृष्टि तथा सामाजिक आंदोलनों पर अपने विचार व्यक्त किए। हरिओम आनंद ने माता नांगेली, दलित कवि हीराडोम तथा संवैधानिक वर्गीकरण (एससी, एसटी, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग) पर प्रकाश डाला। स्व. बाबूलाल लोहार ने मनुवादी विचारधारा एवं ब्राह्मणवाद की आलोचना करते हुए बाबा साहब अम्बेडकर और शाहूजी महाराज के संघर्षों का उल्लेख किया। ज्ञान प्रकाश रावण ने बहुजन मिशन गीत प्रस्तुत कर वातावरण को प्रेरणादायी बनाया। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के अध्यक्ष विनोद कुमार पटेल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया। समारोह सामाजिक न्याय, शिक्षा, समता, बंधुत्व और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य अजित यादव सहित विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, वक्ताओं और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से स्व. बाबूलाल लोहार, कमलेश यादव, पेरियार बुल्लु यादव, नामवर प्रसाद बागी, अमरनाथ कुशवाहा, रामबली सत्यार्थी, बी.आर. अम्बेडकर, हरिओम आनंद, ललित कुमार भारती सहित अनेक अतिथियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन संस्थापक एवं युवा कवि-लेखक गोलेन्द्र पटेल ने किया, जबकि स्वागत व्यवस्था में मृदुल कान्त पुष्कर, विनोद कुमार पटेल, रमेश कुमार भारती, चन्द्रिका राम पासवान, मंजित कुमार सुमन, मुलचन्द प्रसाद, ज्ञान प्रकाश रावण तथा अन्य सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग दो से ढाई सौ ग्रामवासी, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को जनभागीदारी और सामाजिक चेतना का सशक्त स्वरूप प्रदान किया।

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