“गोलेन्द्र ज्ञान” हिंदी का एक वैचारिक, साहित्यिक और सामाजिक मंच है, जहाँ बहुजन साहित्य, सामाजिक न्याय, मानवता, समता, शिक्षा, संस्कृति, कविता, आलोचना और जनचिंतन से जुड़े मौलिक लेख प्रकाशित किए जाते हैं। यह ब्लॉग भारतीय समाज, लोकसंस्कृति, बहुजन चिंतन, साहित्यिक विमर्श तथा मानवीय मूल्यों को सरल, शोधपरक और संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करता है। यहाँ कविता, कहानी, निबंध, समीक्षा, दर्शन, इतिहास और समकालीन विचारों पर नियमित सामग्री उपलब्ध है।
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जन्म का सिंहासन : गोलेन्द्र पटेल
जन्म का सिंहासन मत पूछो मुझसे योग्यता की, पहले जन्म की जंजीर तोड़ो। सदियों से जो सिंहासन बाँटे, उन विशेषाधिकारों को छोड़ो। जिस घर में वंश ही...
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स्त्री मुक्ति: ब्रालेस आंदोलन —गोलेन्द्र पटेल 1. बीजवपन: देह न बंधन, देह न बोझा, देह न चुप रह जाए रोज़ा। ब्रा न हो तो शिष्ट न मानी, कैस...
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Golendra Patel corojivi@gmail.com हिंदी माध्यम के छात्रों का भविष्य हिंदी माध्यम के छात्रों का भविष्य : गोलेन्द्र पटेल ________________...
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पहाड़ी कवि गोलेन्द्र पटेल की तीन कविताएँ:- 1). अरावली : पत्थरों की स्मृति, मनुष्यों की भूल नदी कहती है, मैं एक पहाड़ी कवयित्री हूँ इसीलिए...

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