Friday, 1 March 2019

Golendra Gyan
#golendragyan
#golendrakawi

No comments:

Post a Comment

सत्ता, संख्या और सामाजिक भ्रम : बहुजन दृष्टि से एक विवेचना — गोलेन्द्र पटेल

  सत्ता, संख्या और सामाजिक भ्रम : बहुजन दृष्टि से एक विवेचना भारतीय समाज की संरचना केवल सामाजिक नहीं, बल्कि गहरे राजनीतिक अर्थों से भरी हुई ...