“गोलेन्द्र ज्ञान” हिंदी का एक वैचारिक, साहित्यिक और सामाजिक मंच है, जहाँ बहुजन साहित्य, सामाजिक न्याय, मानवता, समता, शिक्षा, संस्कृति, कविता, आलोचना और जनचिंतन से जुड़े मौलिक लेख प्रकाशित किए जाते हैं। यह ब्लॉग भारतीय समाज, लोकसंस्कृति, बहुजन चिंतन, साहित्यिक विमर्श तथा मानवीय मूल्यों को सरल, शोधपरक और संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत करता है। यहाँ कविता, कहानी, निबंध, समीक्षा, दर्शन, इतिहास और समकालीन विचारों पर नियमित सामग्री उपलब्ध है।
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जनपद चंदौली पर केंद्रित दो कविताएँ: गोलेन्द्र पटेल
चंदौली पर केंद्रित दो कविताएँ: गोलेन्द्र पटेल 1). चंदौलीगान जय-जय चंदौली धरती, काशी का पूर्वी द्वार। धान-कटोरा भारत का, जन-जन का श्रृंगार॥...
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कवि रामेश्वर : जीवन, साहित्य और वैचारिक यात्राएँ जन्म और प्रारंभिक जीवन :- कवि रामेश्वर का जन्म १६ जुलाई १९४४ को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनप...

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